इमाम हज़रत अली (अ.) का अपने गवर्नर के नाम सन्देश : लोगों से अख़लाक़ के साथ मिलना, उनसे नरमी का बर्ताव करना, बड़े दिल के साथ पेश आना, और सबको एक नज़र से देखना कि बड़े लोग तुमसे अपनी नाहक़ तरफ़दारी की उम्मीद न रखें और छोटे लोग तुमसे अद्ल व इन्साफ में उनके मुक़ाबले में नाउम्मीद न हो जायें
... अल्लाह के बन्दों मौत और उसकी आमद से डरो. उसके लिये सरोसामान फ़राहम करो. वह आयेगी और एक बड़े हादसे और सानिहे के साथ आएगी जिसमें या तो भलाई ही भलाई होगी कि जिसमें बुराई का कभी गुज़र न होगा या ऐसी बुराई होगी कि जिसमें कभी भलाई का शायबा न होगा(नहजुल बलाग़ा - खत 27)