Thursday, July 6, 2023

इमाम हज़रत अली (अ) के खुत्बा अल बयान के कुछ अंश

 इमाम हज़रत अली (अ) खुत्बा अल बयान में अपनी फ़ज़ीलत इस तरह बयान करते हैं 

* मैं वह हूँ जिसके बारे में रसूल (स) ने फ़रमाया मैं इल्म का शहर हूँ और अली (अ) उसका दरवाज़ा हैं। 
* मैं हर चीज़ की हक़ीक़त से खबरदार और आगाह हूँ। 
* मैं वह हूँ कि ख़िलक़त के आदाद व गिनती को शुमार करता और मालूम करता हूँ अगर चे वह बहुत हैं यहाँ तक कि अल्लाह तआला की तरफ उनको पहुंचाऊं। 
* मैं हूँ अली इब्ने अभी तालिब जिसकी आवाज़ जंगों में बिजली की आवाज़ों की तरह है। 
* मैं ज़मीन में खुदा का वली हूँ और अम्र खुदा मेरे सुपुर्द किया गया है 
*  मैं वह नूर हूँ कि जिस से मूसा (अ) ने रौशनी तलब की तो हिदायत पाई  
* मैं वह हूँ की मैंने सातों आसमानों को बुलाया। उन्होंने मेरे हुक्म को क़ुबूल किया।  मैंने उनको हुक्म दिया और वह क़ायम हो गये। 
* मैं वह हूँ कि जिसके लिये आफ़ताब को दो बार पलटाया गया। 
* मैं हूँ चीज़ों का ज़ाहिर करने वाला और मौजूदात का पैदा करने वाला जिस तरह चाहूँ। 
* मैं हूँ वह की पहली उम्मतों में से हज़ार उम्मत ने मेरी विलायत का इंकार किया पस अल्लाह तआला ने उनको मस्ख कर दिया। 
* मैं वह हूँ कि सब्ज़ी मलकूत में खड़ा हूँ जहाँ रूहें हरकत करती हैं।  वहां मेरे सिवा कोई हरकत करने वाला नहीं।  
* मैं हूँ वह जो जो दुनिया की हर लुग़त व ज़बान में कलाम करता है।

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