Friday, August 2, 2013

'शिया काफिर क्यों हैं?

'शिया काफिर क्यों हैं? इसका कथित सुबूत लेकर यूशा खान नामी एक सज्जन मेरी इससे पहले की पोस्ट पर नमूदार हुए हैं और उन्होंने एक यूटयूब का वीडियो लगाया है। उस वीडियो में उनके एक छुटभैये मुल्ला अपनी ही किताब से शियों को काफिर बताते हुए एक हदीस बयान करते हैं जिसमें एक शिया आलिम का तज़किरा है जो माअज़अल्लाह लड़कों के साथ बदफेअली करते थे।

इस तरह की हदीस पूरी तरह झूठी है। शियों में इस तरह की बदफेअली की हरगिज़ इजाज़त नहीं। शिया फिरका मर्दों की मर्दों के साथ या औरतों की औरतों के साथ बदफेअली को गुनाहाने कबीरा में शुमार करता है। और यकीनन ऐसा बुरा काम करने वाले जहन्नुमी हैं।

शिया किताब 'तफसीर क़ुम्मी के मुताबिक इमाम जाफर सादिक़(अ.स.) फरमाते हैं, 'जो शख्स मर्दों की मर्दों के साथ या औरतों की औरतों के साथ बदफेअली को हलाल मानता है तो मौत के बाद अल्लाह उसे उन ही पत्थरों से अज़ाब देगा जो पत्थर हज़रत लूत की क़ौम पर अज़ाब की शक्ल में नाजि़ल हुए थे।

फुरू-ए-काफी की बीसियों अहादीस में इस बदफेअल की सख्ती से मज़म्मत की गई है।  

मैं समझता हूं यूशा खान को या उनके छुटभैये मुल्ला को कम से कम किसी शिया से बात करके या किसी शिया किताब में देखकर कन्फर्म कर लेना चाहिए कि क्या वाकई जो वो कह रहे हैं या समझ रहे हैं, ऐसा है? क्या वाकई में शियों में इस तरह की बदफेअली की इजाज़त है? वरना फिर इसी तरह की फर्ज़ी बातें शिया सुन्नी संघर्ष को हवा देती रहेंगी और मुल्क के अमन चैन में आग लगाती रहेंगी। इसी तरह के अक्ल से पैदल छुटभैये मुल्ला आतंकवादी पैदा करते हैं। इनसे बचने के लिये अपने आँख कान खुले रखना बहुत ज़रूरी है। 

झूठी इल्ज़ाम तराशी करने वालों के लिये कुरआन कह रहा है :
(सूरे अहज़ाब आयत 58) और जो लोग ईमानदार मर्द और ईमानदार औरतों पर तोहमत लगाकर अज़ीयत देते हैं तो वह एक बोहतान और सरीह गुनाह का बोझ उठाते हैं।
(सूरे हुजुरत आयत 12) ऐ ईमानदारों बहुत से गुमान से बचे रहो। क्योंकि बाज़ बदगुमानी गुनाह है।

5 comments:

Shah Nawaz said...

दुश्मनी का पर्दा हक़ और नाहक़ के फर्क जो हटा देता है... वर्ना किसी भी इलज़ाम से पहले तस्दीक बेहद ज़रूरी है... वैसे भी इलज़ामात से सिवाए दुश्मनी, रंजिश के कुछ हासिल होने वाला नहीं है... और अक्सर देखा जाता है कि इलज़ाम की बुनियाद कमअकली या नासमझी होती गई...

Dr. Zeashan Zaidi said...

Aapne Theek kaha Shah Nawaz Bhai!

Salahuddin Kbd said...

मुझसे मिलो मैं बताता हूँ की शिया कैसे काफिर हैं

Sartaz Sartaz said...

Shia kafir 1000% sach hai nabi sallallahu alaihi wasallam ko maante hai aur unki biwi hazrat ayesha ko nhi maante nabi s.a.w ke ke sahabi hazrat abu bakar usman gani ko gaali dete hai namaz paiso me phadwate hai apni beti ke sath zina e muta karte hai inme allah maaf imam aese bante hai 10.1w shia ladki imam ke sath kamre me band kar dete hai inka imam jis ladki par haat rakhta hai uske saath zina karke jo aaulad hoti hai vo inka imam banta hai ye kafir hai jawani me khobsoorat hote hai ye bhudapa me inki shakal suar jeai ho jati hai aur jab marte hai to kaale ho jate hai jo mra hota hai unki gaand me danda dekar tatti nikal te hai

Sartaz Sartaz said...

Shia kafir 1000% sach hai nabi sallallahu alaihi wasallam ko maante hai aur unki biwi hazrat ayesha ko nhi maante nabi s.a.w ke ke sahabi hazrat abu bakar usman gani ko gaali dete hai namaz paiso me phadwate hai apni beti ke sath zina e muta karte hai inme allah maaf imam aese bante hai 10.1w shia ladki imam ke sath kamre me band kar dete hai inka imam jis ladki par haat rakhta hai uske saath zina karke jo aaulad hoti hai vo inka imam banta hai ye kafir hai jawani me khobsoorat hote hai ye bhudapa me inki shakal suar jeai ho jati hai aur jab marte hai to kaale ho jate hai jo mra hota hai unki gaand me danda dekar tatti nikal te hai